सहारा समूह में निवेशकों की जमा राशि वापस करने की प्रक्रिया सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल के माध्यम से चल रही है। यह पोर्टल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रबंधित एक आधिकारिक मंच है। हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पूरी राशि का एक साथ भुगतान संभव नहीं है। निवेशकों को उनकी पात्रता के अनुसार किश्तों में धनवापसी प्राप्त होती है।
महत्वपूर्ण अपडेट (दिसंबर 2025 तक)
-
पोर्टल बंद होना: सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल पर नए दावेदारों के पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया 30 सितंबर, 2024 को बंद हो गई थी। इसलिए, अब इस पोर्टल के जरिए नए आवेदन नहीं किए जा सकते।
-
वैकल्पिक रास्ता: जिन निवेशकों ने समय सीमा से पहले आवेदन किया था, उनके दावों को ‘सहारा समूह के देनदारों की संपत्तियों की नीलामी’ से प्राप्त कोष से निपटाया जा रहा है। यह एक अलग और चल रही कानूनी प्रक्रिया है।
-
पुरानी सूची की सटीकता: पुरानी लेखों में “₹10,000 की पहली किस्त” या “नई लिस्ट” का जिक्र अब पुराना पड़ चुका है। भुगतान अब इस आधार पर होता है कि बिक्री से कितना कोष जुटता है और आपके दावे की राशि क्या है।
पंजीकृत दावेदार ऑनलाइन स्थिति कैसे देखें?
यदि आपने पोर्टल बंद होने से पहले अपना दावा पंजीकृत करा लिया था, तो आप https://refund.saharasebi.in/ पर जाकर अपने दावे की स्थिति देख सकते हैं।
आपको निम्नलिखित जानकारी दर्ज करनी होगी:
-
पंजीकरण के दौरान बनाया गया यूजर आईडी (जैसे आपका मोबाइल नंबर)
-
आपका पासवर्ड
लॉगिन करने के बाद, आप अपने दावे के वर्तमान स्टेटस (जैसे: प्रसंस्करण, अस्वीकृत, भुगतान प्रतीक्षारत, भुगतान किया गया) की जाँच कर सकते हैं।
यदि आपने आवेदन नहीं किया है, तो अब क्या करें?
चूंकि आधिकारिक पोर्टल बंद हो चुका है, नए दावों के लिए सीधे तौर पर कोई ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
-
सहारा समूह के स्थानीय कार्यालय से संपर्क करें: अपने क्षेत्र के सहारा इंडिया या सहारा होउसिंग के कार्यालय से पूछताछ करें। हो सकता है उनके पास आंतरिक शिकायत निवारण या सूचना देने का कोई तंत्र हो।
-
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या SEBI से शिकायत: यदि आपका निवेश RBI या SEBI के दायरे में आता है, तो आप उनकी ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के माध्यम से अपना मामला दर्ज करा सकते हैं।
आवश्यक सावधानियाँ
-
केवल आधिकारिक पोर्टल पर भरोसा करें: किसी भी निजी वेबसाइट या एजेंट पर विश्वास न करें जो पैसे लेकर आवेदन करने या धनवापसी जल्दी दिलाने का वादा करें।
-
पर्सनल डेटा साझा करने में सावधानी: अपना आधार नंबर, बैंक खाता विवरण या पासवर्ड किसी अज्ञात फोन कॉल या मैसेज के जरिए कभी न बताएं। आधिकारिक अधिकारी आपसे फोन पर यह जानकारी नहीं माँगते।
निष्कर्ष
सहारा धनवापसी एक लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया है। जिन निवेशकों ने 30 सितंबर, 2024 से पहले अपना दावा पंजीकृत करा लिया था, वे आधिकारिक पोर्टल पर अपनी स्थिति देख सकते हैं। नए दावेदारों के लिए फिलहाल कोई नया ऑनलाइन पंजीकरण नहीं खुला है, और उन्हें कंपनी के कार्यालय या नियामक निकायों से सीधे संपर्क करना चाहिए। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
FAQ
1. सहारा निवेशकों को उनकी जमा राशि कैसे वापस मिल रही है?
सहारा समूह में निवेशकों की जमा राशि सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल के माध्यम से वापस की जा रही है। यह पोर्टल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रबंधित है।
2. क्या निवेशकों को पूरी जमा राशि एक साथ वापस मिल जाएगी?
नहीं, पूरी राशि का एक साथ भुगतान संभव नहीं है। निवेशकों को उनकी पात्रता के अनुसार किश्तों में धनवापसी प्राप्त होती है।
3. क्या सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल पर नए आवेदन अभी भी किए जा सकते हैं?
नहीं, सहारा-सेबी रिफंड पोर्टल पर नए दावेदारों के पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया 30 सितंबर, 2024 को बंद हो गई थी। अब इस पोर्टल के जरिए नए आवेदन नहीं किए जा सकते।
4. जिन निवेशकों ने समय सीमा से पहले आवेदन किया था, उनके दावों का निपटान कैसे हो रहा है?
जिन निवेशकों ने 30 सितंबर, 2024 से पहले आवेदन किया था, उनके दावों को ‘सहारा समूह के देनदारों की संपत्तियों की नीलामी’ से प्राप्त कोष से निपटाया जा रहा है। यह एक अलग और चल रही कानूनी प्रक्रिया है।
5. क्या “₹10,000 की पहली किस्त” या “नई लिस्ट” जैसी पुरानी जानकारी अभी भी प्रासंगिक है?
नहीं, पुरानी लेखों में “₹10,000 की पहली किस्त” या “नई लिस्ट” का जिक्र अब पुराना पड़ चुका है। भुगतान अब इस आधार पर होता है कि बिक्री से कितना कोष जुटता है और आपके दावे की राशि क्या है।