
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पशुपालन आधारित योजना है। इस योजना का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना तथा राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को मुर्रा नस्ल की गर्भवती भैंसों की खरीद पर सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है।
यह योजना खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए तैयार की गई है, जिससे वे डेयरी व्यवसाय को एक स्थायी आय स्रोत के रूप में अपना सकें। मुर्रा नस्ल की भैंसें अधिक दूध देने वाली होती हैं, इसलिए यह योजना किसानों की मासिक आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
योजना का संक्षिप्त विवरण (तालिका)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| वर्ष | 2026 |
| लाभार्थी | किसान, पशुपालक |
| उद्देश्य | दूध उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि |
| भैंसों की संख्या | 2 गर्भवती मुर्रा नस्ल की भैंसें |
| सब्सिडी (सामान्य/OBC) | 50 प्रतिशत |
| सब्सिडी (SC/ST) | 75 प्रतिशत |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑफलाइन |
| लाभ हस्तांतरण | डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में |
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पशुपालकों को आधुनिक डेयरी व्यवसाय से जोड़ना है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाएं। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना भी इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।
योजना के प्रमुख लाभ
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत किसानों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
पहला और सबसे बड़ा लाभ भैंसों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी है। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत तक की सहायता मिलती है।
दूसरा बड़ा लाभ अधिक दूध उत्पादन है। मुर्रा नस्ल की भैंसें प्रतिदिन 12 से 15 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं। इससे किसानों को नियमित और स्थायी आय प्राप्त होती है।
तीसरा लाभ ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन है। डेयरी व्यवसाय से दूध बिक्री, गोबर और बछड़ों की बिक्री के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी होती है। इससे गांवों में आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
इसके अलावा यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है और किसानों को साहूकारों से कर्ज लेने की आवश्यकता से भी बचाती है।
पात्रता मानदंड
- मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्न शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक किसान या पशुपालक होना चाहिए।
- योजना के अंतर्गत केवल मुर्रा नस्ल की 2 गर्भवती भैंसों की खरीद मान्य है।
- भैंसों के रखरखाव के लिए पर्याप्त स्थान और चारा व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।
- आवेदक के पास बैंक खाता होना चाहिए, जो आधार से लिंक हो।
आवश्यक दस्तावेज
योजना में आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र
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बैंक पासबुक की प्रति
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जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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पासपोर्ट साइज फोटो
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पशुपालन से संबंधित घोषणा पत्र
आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है।
- सबसे पहले आवेदक को अपने नजदीकी पशुपालन विभाग, ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत से आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होता है।
- इसके बाद फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही तरीके से भरनी होती है और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं।
- भरे हुए फॉर्म को संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है।
- आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर स्वीकृति दी जाती है।
- स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थी मुर्रा नस्ल की भैंसों की खरीद करता है।
- भैंसों की खरीद पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।
योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य में लागू है।
सब्सिडी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना का लाभ एक परिवार को एक बार ही दिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या इस योजना में गाय खरीदने पर भी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: नहीं, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में केवल मुर्रा नस्ल की गर्भवती भैंसों पर ही सब्सिडी मिलती है।
प्रश्न 2: क्या एक भैंस खरीदने पर योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर: नहीं, योजना के अंतर्गत दो भैंसों की संयुक्त खरीद अनिवार्य है।
प्रश्न 3: सब्सिडी की राशि कब मिलती है?
उत्तर: भैंसों की खरीद और सत्यापन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
प्रश्न 4: क्या शहरी क्षेत्र के लोग भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: यदि शहरी आवेदक के पास भैंसों के रखरखाव की उचित व्यवस्था है, तो वह आवेदन कर सकता है।
प्रश्न 5: योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है?
उत्तर: मध्य प्रदेश के किसान और पशुपालक इस योजना का लाभ ले सकते हैं।